‘आधा अखिलेश, आधा अंबेडकर’: समाजवादी पार्टी के पोस्टर से क्यों नाराज़ हुई बीजेपी और बीएसपी

 

अखिलेश यादव के साथ बाबा साहेब की आधी तस्वीर पर भड़की बीजेपी, कहा- उनके  चरणों की धूल भी नहीं हो | Samajwadi party Poster Row BJP Accuses Akhilesh  Yadav of Insulting baba

नई दिल्ली | अपडेटेड: 1 मई 2025 | लेखक: लालमणि वर्मा

दलित मतदाताओं तक पहुंचने की समाजवादी पार्टी (सपा) की कोशिशों के बीच, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. अंबेडकर की संयुक्त छवि वाले एक पोस्टर ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस पोस्टर को लेकर बीजेपी और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने सपा पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया है।

इस पोस्टर में अखिलेश यादव के चेहरे का आधा भाग और डॉ. अंबेडकर की आधी तस्वीर को मिलाकर एक संयुक्त चेहरा दिखाया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि "सपा कांग्रेस की गोद में बैठकर दलितों के वोट बटोरना चाहती है, जबकि यही कांग्रेस 1952 के चुनाव में अंबेडकर की हार की जिम्मेदार थी।"

बीएसपी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष विष्णुनाथ पाल ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और अखिलेश ने कभी अंबेडकर का सम्मान नहीं किया।" उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने अंबेडकर और कांशीराम के नाम पर रखे गए जिलों के नाम बदले थे और लखनऊ में बीएसपी सरकार द्वारा बनाए गए अंबेडकर स्मारक को 'ऐयाशी का अड्डा' कहा गया था।

पाल ने इसे बाबा साहेब का गहरा अपमान बताया।

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